58 / 100 Powered by Rank Math SEO SEO Score ब्रेकिंग न्यूज़ ब्रेकिंग न्यूज़: लखनऊ में प्रस्तावित ‘गोट कान्क्लेव-2026’ इस समय स्थगित, पशुपालकों के लिए बड़ी खबर PashupalanNEWS.in • 13 मार्च 2026 लखनऊ गोट कान्क्लेव पर प्रशासन का बड़ा फैसला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पशुपालन क्षेत्र के सबसे बड़े आयोजनों में से एक ‘गोट कान्क्लेव-2026’ को लेकर एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। वर्तमान में जो कार्यक्रम 16 और 17 मार्च 2026 को गोमती नगर स्थित इन्दिरा गाँधी प्रतिष्ठान में आयोजित होना था, उसे शासन द्वारा अचानक स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। इस सम्मेलन को लेकर पूरे प्रदेश के बकरी पालकों और उद्यमियों में भारी उत्साह देखा जा रहा था, क्योंकि इसमें बकरी पालन की आधुनिक तकनीकों और व्यापारिक संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा होनी थी। हालांकि, अब इस स्थगन के बाद उन तमाम पशुपालकों को अपनी यात्रा की योजना बदलनी होगी जो लखनऊ आने की तैयारी कर चुके थे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय जनहित और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखकर लिया गया है। विज्ञापन ⭐ विशेषज्ञ की राय “विशेषज्ञ की राय: LetsShave EZ-WIZZY पेट ट्रिमर उन पशुपालकों के लिए एक अनिवार्य उपकरण है जो अपने पशुओं को साफ़-सुथरा और आकर्षक रखना चाहते हैं। इसकी ‘विस्पर-क्वाइट’ तकनीक पशुओं को काटते समय डराती नहीं है। यह रिचार्जेबल है और 120 मिनट का लंबा बैकअप देता है, जो बकरियों की ग्रूमिंग के लिए पर्याप्त है। इसके सेरामिक ब्लेड त्वचा पर कोमल रहते हैं और लंबे समय तक चलते हैं। प्रदर्शनी के लिए पशु तैयार करने में यह उत्पाद सर्वोत्तम है।” 👉 यहाँ क्लिक करके कीमत देखें अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया निर्णय गोट कान्क्लेव-2026 को स्थगित करने का यह औपचारिक निर्णय 11 मार्च 2026 को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव, पशुधन महोदय द्वारा की गई थी। बैठक में आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की गई और अंततः कुछ अपरिहार्य कारणों (Unavoidable reasons) का हवाला देते हुए इसे अग्रिम आदेशों तक रोकने का निर्देश दिया गया। आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब यह आयोजन निर्धारित तिथियों पर नहीं होगा। शासन ने अभी तक नई तिथियों की घोषणा नहीं की है, लेकिन यह संकेत दिया है कि भविष्य में इसे अधिक व्यवस्थित और व्यापक रूप में आयोजित किया जाएगा। पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने फील्ड स्टाफ को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र के बकरी पालकों को इस स्थगन की सूचना तुरंत पहुंचाएं ताकि उन्हें असुविधा न हो। विज्ञापन 💡 विशेषज्ञ की राय “विशेषज्ञ की राय: बकरी पालन में पशुओं के स्वास्थ्य के लिए उच्च गुणवत्ता वाला मिनरल मिक्सचर सबसे महत्वपूर्ण निवेश है। यह उत्पाद पशुओं की पाचन शक्ति को बढ़ाता है और दूध उत्पादन में वृद्धि करता है। खासकर प्रजनन काल के दौरान बकरियों को आवश्यक खनिज प्रदान करने के लिए यह एक विश्वसनीय विकल्प है। यह पशुओं की चमक और वजन बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होता है।” 👉 यहाँ क्लिक करके कीमत देखें बकरी पालकों के लिए विशेषज्ञ की सलाह कान्क्लेव का टलना उन बकरी पालकों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है जो नई सरकारी योजनाओं और तकनीकी सत्रों का लाभ उठाने की योजना बना रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही यह आयोजन टल गया है, लेकिन पशुपालकों को अपनी तैयारी बंद नहीं करनी चाहिए। वर्तमान समय में बाजार में बकरी के मांस और दूध की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में पशुपालकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने फार्म पर पशुओं के स्वास्थ्य, वैज्ञानिक आहार और समय पर टीकाकरण (Vaccination) पर विशेष ध्यान दें। आधुनिक उपकरणों और ग्रूमिंग किट का उपयोग करके पशुओं की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है। जो समय इस कान्क्लेव के लिए आरक्षित था, उसका उपयोग किसान अपने पशुओं के रिकॉर्ड संधारण और डिजिटल मार्केटिंग सीखने में कर सकते हैं। विज्ञापन ✅ विशेषज्ञ की राय “विशेषज्ञ की राय: वैज्ञानिक बकरी पालन सीखने के इच्छुक किसानों के लिए यह प्रशिक्षण गाइडबुक अत्यंत उपयोगी है। इसमें बकरी की बीमारियों के प्रबंधन से लेकर आवास निर्माण और मुनाफे के गणित को बहुत सरल भाषा में समझाया गया है। नए डेयरी फार्मर्स और पशुपालन उद्यमियों के लिए यह एक कम्पलीट मैन्युअल की तरह काम करता है, जो उन्हें नुकसान से बचने के व्यावहारिक तरीके सिखाता है।” 👉 यहाँ क्लिक करके कीमत देखें नई तारीखों का इंतज़ार और भविष्य की योजनाएं गोट कान्क्लेव की नई तिथियों को लेकर विभाग जल्द ही आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी साझा करेगा। तब तक पशुपालकों को विभाग के स्थानीय कार्यालयों के संपर्क में रहना चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बकरी पालन को एक लाभकारी उद्योग के रूप में स्थापित करना है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। आने वाले समय में जब यह आयोजन होगा, तो इसमें उन्नत नस्लों की प्रदर्शनी, मिल्क कंपटीशन और स्टार्टअप्स के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाने की संभावना है। किसान भाई तब तक अपने पशुओं की ग्रूमिंग और रखरखाव को बेहतर बनाकर आने वाले मुकाबलों के लिए खुद को तैयार रख सकते हैं। वैज्ञानिक पद्धति से किया गया बकरी पालन हमेशा अधिक मुनाफा देता है, चाहे सम्मेलन की तिथियां जो भी हों। ? अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) प्रश्न 1: लखनऊ गोट कान्क्लेव-2026 क्यों स्थगित किया गया? उत्तर: उत्तर प्रदेश शासन की उच्च स्तरीय बैठक में अपरिहार्य प्रशासनिक कारणों से इस सम्मेलन को अग्रिम आदेशों तक स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। प्रश्न 2: सम्मेलन की नई तारीखें क्या हैं? उत्तर: फिलहाल विभाग द्वारा नई तिथियों की घोषणा नहीं की गई है। जैसे ही शासन से आदेश प्राप्त होंगे, नई तारीखों की सूचना साझा की जाएगी। प्रश्न 3: क्या सम्मेलन का स्थान बदल दिया गया है? उत्तर: नहीं, स्थान के परिवर्तन के बारे में कोई सूचना नहीं है। पूर्व में यह इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर, लखनऊ में प्रस्तावित था। प्रश्न 4: बकरी पालकों को इस दौरान क्या करना चाहिए? उत्तर: पशुपालकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने फार्म के प्रबंधन और पशुओं के टीकाकरण पर ध्यान दें और विभाग की आधिकारिक घोषणा का इंतज़ार करें। 📱 WhatsApp ग्रुप जॉइन करें पशुपालन की ताज़ा खबरें और सरकारी योजनाएं सीधे अपने मोबाइल पर पाएं। अभी जॉइन करें 50,000+ पशुपालक पहले से जुड़े हुए हैं © 2026 PashupalanNEWS.in – किसानों की अपनी आवाज़ Screenshot_20260313_101225_DriveDownload Post Views: 2 Post navigation Goat Conclave 2026 Lucknow: यूपी में बकरी पालन से उद्यमिता की ओर नई पहल